जहाँ तक बैंकों की संगणक प्रणाली का संबंध है, अगर आपके सारे खाते एक ही बैंक में है, जैसे की बचत, करंट, आरडी, पीपीएफ, सावधि जमा और उन सभी खातों में आपका नाम पहला है, तो आप उन सभी खातों के लिए एक ही फोन नम्बर दे सकते हो। लेकिन याद रहे कि सभी खातों में आपका कस्टमर नम्बर एक ही होना चाहिए! सभी शाखाए संगणक प्रणाली से एक दूसरे से जोड़ने के पहले हर खाते के लिए अलग अलग कस्टमर नम्बर हुआ करता था, इसीलिए ये सावधानी!
अगर किसी खाते मे आपका नाम दूसरा है, तो भी आप उस खाते के लिए मोबाईल या इंटरनेट बैंकिंग उपयोग में ला सकते हो, बशर्ते आपका कस्टमर नम्बर और मोबाईल नम्बर आपके प्राथमिक खातोंसे मिलता है।
अगर आपके सारे खाते, एक ही बैंक के विभिन्न शाखा में है, फिर भी यही नियम लागू होगा।
अगर आपके खाते विभिन्न बैंको में है, तो आप अपना एक ही फोन नम्बर उन सारे खातों के लिए दे सकते हो।
वैसे तो एक ही फोन नम्बर देनेसे आपको ज्यादा सहूलियत होगी, ऐसा मेरा मानना है, लेकिन जरूरी नही की आप एक ही फोन नम्बर सारे बैंक खातों में दे।
यह तो आप के ऊपर निर्भर करता है।
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