क्या मानव शरीर में सुअर का दिल लगाया जा सकता है

 सुअर शायद एक इंसान के शरीर के लिए अनुकूल अंगों को प्राप्त करने का सबसे अच्छा विकल्प है!

7 जनवरी, 2022 को अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय के मेडिकल स्कूल में 57 वर्षीय हृदय रोगि का हृदय को एक सुअर के हृदय से बदली की गयी थी।

मरीज का नाम डेविड बेनेट है। वह पारंपरिक मानव हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी करने की स्थिति में नहीं था।

तीन साल पहले, जर्मन डॉक्टरों को एक सुअर के दिल को एक बबून के शरीर से जोड़ने में सफलता मिली थी।

बेनेट की जान बचाने के लिए अमेरिकी डॉक्टरों ने एक सुअर तैयार किया।

सुअर के दस हज़ार जीनों में तीन जीनों को हटा दिया गया। यदि वे होते, तो मानव शरीर अन्य प्राणि के अंग को अस्वीकार कर देता।

सुअर के शरीर में मानव शरीर के छह जीन जोड़े गए। ये मानव शरीर अन्य प्राणि के अंग को अपना मानने को विवश करते हैं।

सुअर के दिल को मानव शरीर में बढ़ने से रोकने के लिए एक और सुअर जीन को हटा दिया गया।

सर्जनों की टीम ने रोगी की सहमति प्राप्त की। देश के चिकित्सा अधिकारियों की सहमति भी प्राप्त की।

करीब डेढ़ महीने से मरीज को बाहर रहे 

हार्ट पंप मशीन से ज़िंदा रखा था। सुअर के दिल जोड़ने के बाद भी सतर्कता के लिए की पंप चालू रखा था। सुअर का दिल बेनेट के शरीर में उम्मीद से बेहतर काम कर रहा है। इसलिए पंप को बाहर ही रोक दिया।

यह देखना बाकी है कि मरीज कब तक जीवित रहेगा।

धनीराम बरुआ, एक भारतीय सर्जन, मानव सुअर प्रयोग करने वाले पहले व्यक्ति थे। उस केस में सात दिन बाद मरीज की मौत हो गई।

उस डॉक्टर को समाज ने पागल या अपराधी कहके तिरस्कृत किया था। उन्हें और एक सहायक चिकित्सक को 45 दिनों तक जेल में भी रखा गया था।

बरुआ ने कहा कि वह अब अमेरिकी डॉक्टरों से किए गए प्रयोग का असली प्रेरणा हैं।


Share on Google Plus

About Hakeem Danish

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment