यह दुनिया का सबसे सन्नाटेदार कमरा है।
इसका मालिक लोगों को अधिक से अधिक समय यहाँ बैठने की चुनौती देता है। वह लोगों को अंदर भेजकर बत्ती बन्द कर देता है।
ज्यादातर लोग ज्यादा देर नहीं रह पाते। इस कमरे में नकारात्मक डेसीबल हैंl इसमें प्रतिध्वनि नहीं है,कोई गूंज नहीं होती और न ही कोई आवाज है।
इस कमरे में सब तरफ इतने कोने हैं जो आवाज को सोख लेते हैं। विशेष फैबरिक के बने होने के कारण वह ऐसा प्रभाव पैदा करते हैं।
जब आप अंदर जाते हो, लाइट्स बन्द कर दी जातीं हैं।
आपका दिमाग और कान सूक्ष्म आवाजों को भी सुनना शुरू कर देते हैं क्योंकि आपकी इन्द्रियाँ इस बात का दबाव महसूस करने लगतीं हैं।
दूसरी आवाजों के अभाव में आप जो भी सुनते हो या महसूस करते हो वह अजीब लगने लगता है। घटाटोप अंधेरे में सभी को अपने दिल की धड़कन, फेफड़ों और हड्डियों की हलचल और खूब के दौरे की भी आवाज सुनाई देने लगती है।
ऐसा लगता है कि हम कॉफिन के अंदर हैं जैसे कि जिंदा दफना दिए गए हों। उसके बावजूद भी लोग इस कमरे में रुकने के लिए संघर्ष करते हैं।
नोटः डर का भी एक विचित्र रोमांच होता है! पता नहीं लोगों को ऐसा करके क्या मिलता है!!?
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