भारतीय रेल के ट्रेन ड्राइवर का जीवन कैसा होता है ? यदि कोई ट्रेन दिल्ली से चेन्नई तक चलती है और 36 घंटे लेती है तो क्या उसका ड्राइवर हर चौथे दिन घर आता होगा ?
क्या आपको लगता है कि इस दुनियां में कोई भी ऐसा इंसान है, जो 36 घंटे लगातार काम कर सकता है - वो भी ऐसा काम जहाँ हर पल चौकन्ना रहने की जरूरत हो ?
दिल्ली से चेन्नै - ३६ घंटे के ट्रेन चालन के दौरान - तकरीबन ५ अलग अलग ड्राईवर लगेंगे . इसकी गणना यूँ होती है .
- ड्राईवर का रोस्टर 14 दिनों का होता है , जिसे एक पखवाडा या fortnight भी कहते हैं
- इन 14 दिनों में ड्राईवर को 96 घंटे काम करना अपेक्षित है
- दो दिन रेस्ट या अवकाश के हटा दें तो 12 दिन बचते हैं - सो 96 / 12 = 8 घंटा प्रतिदिन का हिसाब बैठता है
- इन 8 घंटों में 45 मिनट ट्रेन इंजन का चार्ज लेने के पहले और ३० मिनट इंजन से उतरने के बाद यानि सवा घंटा गैर इंजन गतिविधियों में निकल जाता है
- सो एक ड्राईवर औसतन पहिये पर या इंजन पर अधिकतम पौने 7 घंटे रहता है - 8 घंटे ड्यूटी के हिसाब से , यह 8 घंटा बढ़कर 10 घंटे तक जा सकता है तो इंजन चलाने के लिए 7–8 घंटे मिलते हैं .
- अब दिल्ली से चेन्नै - ३६ घंटे को 7 से भाग दें तो 5 आएगा - यानि 5 से 6 सेट ड्राईवर लगेगा .
इसी कारण ड्राईवर के मुख्यालय इसी समय अन्तराल के हिसाब से दूरी पर हैं. बस फर्क यह है कि इस हेतु माल गाड़ी को मानक मानते हैं और माल गाड़ी की औसत गति के अनुसार - जो 25 किलोमीटर प्रति घंटा बैठती है . सो ड्राईवर के मुख्यालय 170 - 200 किलोमीटर की दूरी पर हैं .
कोलकाता से शुरू करें (समस्त दूरी किलोमीटर में )
हावड़ा - 0 किलोमीटर
हावड़ा- अंडाल /आसनसोल : 170 /200
आसनसोल - झाझा : 166
झाझा - दानापुर : 190
दानापुर - मुग़ल सराय : 200
मुग़ल सराय - इलाहाबाद : 153
इलाहाबाद - कानपूर : 195
कानपूर - टूंडला : 230
टूंडला - दिल्ली : 209
हालाँकि यह अलग बात है कि, इनमें से हर जगह - एक स्टीम लोको शेड हुआ करता था जो कि इंजन बदलने या कोयला इंजन में डालने हेतु उस वक़्त आदर्श दूरी थी , और ड्राईवर भी स्टीम लोको शेड में आ कर चार्ज लेते थे और इंजन की मरम्मत आदि भी करते थे .
सो, एक्सप्रेस ट्रेन की औसत गति यदि 60–70 kmph मान लें तो हर 6–8 घंटे के हिसाब से 360 - 560 किलोमीटर पर ड्राइवर बदले जाएंगे।
जैसे कोलकाता से राजधानी एक्सप्रेस को लें।
ड्राइवर 1 - हावड़ा km 0
ड्राइवर 2 - झाझा km 366
ड्राइवर 3 - मुग़ल सराय - km 391
ड्राइवर 4 - कानपुर - km 348
ड्राइवर 4 - दिल्ली - km 439
उसी तरह दिल्ली चेन्नै ट्रेन में दिल्ली का ड्राइवर झाँसी में उतर जाएगा। वहाँ से दूसरा ड्राइवर इटारसी तक जाएगा। फिर उपरिवर्णित तरीके से तीसरा चौथा इत्यादि।
0 comments:
Post a Comment